पत्थर की धूल से चित्रकारी – ज्योति उमरे और इस कला की खासियत

पत्थर की धूल से चित्रकारी – ज्योति उमरे और इस कला की खासियत
आज हम बात कर रहे हैं Stone Dust Painting के बारे में—एक प्राचीन कला जिसे पत्थर की सूक्ष्म धूल से उकेरा जाता है.
पत्थर की धूल चित्रकारी क्या है?
पत्थर की धूल चित्रकारी एक विशेष कला है, जिसमें पत्थर को पीसकर बनी बारीक धूल का उपयोग चित्र बनाने के लिए किया जाता है। इसमें:
- पत्थर की धूल को पानी या प्राकृतिक बाइंडर के साथ मिलाकर पेस्ट बनाया जाता है।
- इस पेस्ट को कैनवास, कागज़ या दीवार पर लगाया जाता है।
- इसमें प्राकृतिक रंग या डाई मिलाकर विभिन्न रंगों का प्रयोग किया जाता है।
- ब्रश, उंगलियों या छोटे उपकरणों से डिज़ाइन और विस्तार बनाया जाता है। इंदौर हाट बाज़ार से लाइव
इस कला की खासियत है इसकी बनावट, टिकाऊपन और प्राकृतिक दिखावट।
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ज्योति उमरे: पत्थर की धूल चित्रकारी की वापसी
ज्योति उमरे, भोपाल की एक कलाकार, इस कला को फिर से जीवंत करने में अग्रणी हैं। उन्होंने 20 साल बाद इस कला को वापस लाया और इसे गौहर महल में आयोजित दीपोत्सव एक्सपो में भी प्रदर्शित किया था । उनकी वापसी इस बात की गवाही है कि पारंपरिक कलाओं को बचाने के लिए लगन और समर्पण ज़रूरी है।
पत्थर की धूल चित्रकारी का महत्व
- सांस्कृतिक विरासत:यह कला भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है और स्थानीय कलाकारों की रचनात्मकता को दर्शाती है।
- पर्यावरण अनुकूल:प्राकृतिक पत्थर और रंगों का उपयोग इसे पर्यावरण के लिए अनुकूल बनाता है।
- आर्थिक सशक्तिकरण:यह कला ग्रामीण कलाकारों को रोज़गार के अवसर प्रदान करती है।
- सौंदर्य मूल्य:पत्थर की धूल चित्रकारी की अनूठी बनावट और रंग इसे आकर्षक बनाते हैं।
- शैक्षिक महत्व:इस कला से पारंपरिक तकनीकों, प्राकृतिक सामग्री और सांस्कृतिक इतिहास के बारे में जानकारी मिलती है।
हमारा खास संवाद इंदौर के ट्राइबल हाट बाजार से। यहां पर पत्थर की धूल चित्रकारी के कलाकार ज्योति उमरे से विशेष बातचीत की गई। दो दशकों बाद इस कला में वापसी करने वाली ज्योति उमरे ने इस पारंपरिक और अनोखी कला के रहस्यों और महत्व को साझा किया। पत्थर की धूल से बनी ये चित्रकारी न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत को भी सजीव रखती है। आइये सुनते है उन्ही की जुबानी …..
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- आज हम Indore के Tribal Hat Bazaar के एक खास स्टॉल पर हैं, जहाँ Stone Dust Painting की कला अपने रंग-रूप में जीवंत हो उठी है. हमारा खास संवाद है पत्थर की धूल चित्रकारी के कलाकार ज्योति उमरे से
- यहाँ से कलाकार Jyoti Umre आपको मिलेंगी—20 साल बाद वापसी कर रही इस कलाकार से आज की खास बातचीत।
- Jyoti बताती है कि Stone Dust Painting कैसे पत्थर की महीन धूल को गोंद और रंगों से जोड़कर सतह पर टिकाती है, और कैसे यह तकनीक एक tactile, 3D-सी महसूस बनाती है।
- वे कहती हैं कि इस कला से क्षेत्रीय संस्कृति को संरक्षित रखते हुए नए अवसर भी बन रहे हैं—स्थानीय कला से वैश्विक जुड़ाव की ओर एक कदम।
- सुरक्षा सबसे जरूरी है: सही मास्क, वेंटिलेशन और साफ-सफाई के साथ काम करें ताकि धूल के जोखिम से बचा जा सके।
- अगर आप Indore आएं तो इस स्टॉल को देखें, Jyoti Umre का नया रूप और परंपरा के संगम को अनुभव करें।























