डोडा के ‘Silent Village’ धडकाई में सोलर लैंप वितरण, बेटियों को स्किल ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा – महिला सशक्तिकरण की नई पहल

“डोडा के ‘Silent Village’ धडकाई में सोलर लैंप वितरण, बेटियों को स्किल ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा – महिला सशक्तिकरण की नई पहल”
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के धडकाई गांव, जिसे ‘Silent Village of India’ के नाम से जाना जाता है, में जनकल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। जिला प्रशासन और बिंदी इंटरनेशनल एनजीओ के सहयोग से आदिवासी परिवारों को सोलर लैंप वितरित किए गए।
💡 सोलर लैंप वितरण कार्यक्रम : डोडा डीसी कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में डीडीसी चेयरमैन धनंतर सिंह कोटवाल और उपायुक्त हरविंदर सिंह ने आदिवासी परिवारों को सोलर लैंप वितरित किए। यह पहल स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा को बढ़ावा देने, ग्रामीण जीवन स्तर सुधारने और श्रवण व वाक् बाधित निवासियों के कल्याण के उद्देश्य से की गई है।
👩💼 प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति : कार्यक्रम में डीडीसी उपाध्यक्ष संगीता रानी, एडीसी अनिल कुमार ठाकुर, एसीडी दिन मोहम्मद अफाकी, एसडीएम गंडोह अरुण कुमार बड्याल, सीपीओ मनेश कुमार मन्हास, जिला सामाजिक कल्याण अधिकारी जुबैर अहमद, सीईओ भूषण कुमार पाठक, सीएमओ डॉ. तनवीर अहमद सहित वरिष्ठ अधिकारी, एनजीओ प्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।
🌱 स्वच्छ ऊर्जा और शिक्षा को बढ़ावा : उपायुक्त हरविंदर सिंह ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। लाभार्थियों ने बताया कि सोलर लैंप से बच्चों की रात में पढ़ाई आसान होगी और पारंपरिक प्रकाश व्यवस्था पर निर्भरता कम होगी।
👧 बेटियों के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण: महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिला प्रशासन और बिंदी इंटरनेशनल एनजीओ ने पांच बेटियों को राजस्थान में सोलर इंजीनियरिंग और व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए भेजने की व्यवस्था की है। यह पहल ‘बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ’ कार्यक्रम के तहत की जा रही है।
🌍 समावेशी विकास की पहल : यह कार्यक्रम आदिवासी क्षेत्रों में सतत विकास, स्वच्छ ऊर्जा, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का एक मजबूत उदाहरण है।
डोडा प्रशासन की यह पहल आदिवासी समुदाय के जीवन में रोशनी लाने और बेटियों के भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम मानी जा रही है।













