Tribal News

Main Menu

  • होम
  • Blog
  • लाइव न्यूज़
  • वीडियो न्यूज़
  • जनजाति साक्षात्कार
  • मुख्य खबरे
    • मध्यप्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • महाराष्ट्र
    • आंध्र प्रदेश
    • झारखंड
    • राजस्थान
    • उड़ीसा
    • गुजरात
    • हिमाचल प्रदेश
  • देश
  • राज्य
    • मध्य प्रदेश
      • सीधी
      • सिवनी
      • शहडोल
      • मांडला
      • खरगोन (पश्चिम निमाड़)
      • छिंदवाड़ा
      • झाबुआ
      • बेतूल
    • उत्तराखंड
      • उत्तरकाशी जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी
      • चमोली जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी
      • रुद्रप्रयाग जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • टिहरी गढ़वाल जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • देहरादून जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • गढ़वाल जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • पिथोरागढ़ जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • बागेश्वर जनजाति,भोटिया,थारू
      • अल्मोड़ा जनजाति,भोटिया,थारू
      • चम्पावत जनजाति,भोटिया,थारू
      • नैनीताल जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • उधमसिंह नगर जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
    • महाराष्ट्र
      • पूर्वी वन क्षेत्र
      • गोंडवाना विदर्भ क्षेत्र
      • सह्याद्री क्षेत्र
    • आंध्र प्रदेश
      • आदिलाबाद
      • महबूबनगर
      • पूर्व गोदावरी
      • पश्चिम गोदावरी
      • विशाखापट्टनम
    • झारखंड
      • रांची
      • सिंहभूम
      • संथाल परगना
      • पलामू
    • राजस्थान
      • उदयपुर
      • सिरोही
      • चित्तौड़गढ़़
      • डूंगरपुर
      • बांसवाड़ा
    • उड़ीसा
      • मयूरभंज
      • कोरापुट
      • क्योंझर
      • कालाहांडी
      • बालासोर
    • गुजरात
      • भरूच
      • वलसाड
      • सूरत
      • साबरकांठा
      • बनासकांठा
    • हिमाचल प्रदेश
      • किन्नौर
      • लाहौल एंड स्पीती
      • चम्बा
    • छत्तीसगढ़
      • रायपुर
      • सरगुजा
      • रायगढ़
      • राजनांदगांव
      • बस्तर
    • असम
      • असम जनजातीय बोडोलैंड
      • दीमा हसाओ
      • कार्बी आंगलोंग
      • मेघालय जनजातीय,खासी,जयंतिया,गारो हिल्स
      • त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र, चकमा, मारा
      • मिजोरम जनजातीय चकमा,मारा,लाई
  • हमारी टीम
    • हमारी सेंट्रल वर्किंग कमेटी टीम
      • राजकुमार गोस्वामी
      • (डॉ.) केशव माणिक वाल्के
      • (डॉ.) शामराव इंदरसे कोरेटी
      • डॉक्टर उजाल मुखर्जी
      • डॉ एज़ाज़ लोन
      • डॉ राजपूत भाउ साहेब
    • कल्चरल वर्किंग टीम
      • नीरज कुंदेर
      • रविंद्र देशमुख
      • सुदर्शन माने
      • विजय कुमार सालुंके
      • इन्द्राणी महतो
      • अन्वेशा घोश
      • जगननाथ कालिंदी
      • हरिकेश सिंह
    • हमारे स्टेट हेड्स
      • डाॅ जयेश कावड़िया
      • राजेश कुमार शर्मा
      • प्रवीण सिंह
      • डॉक्टर नंदकिशोर भगत
      • अशोक कुमार
      • गुरु मुन्नू चव्हान
  • विज्ञापन
    • Privacy Policy

logo

  • होम
  • Blog
  • लाइव न्यूज़
  • वीडियो न्यूज़
  • जनजाति साक्षात्कार
  • मुख्य खबरे
    • मध्यप्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • महाराष्ट्र
    • आंध्र प्रदेश
    • झारखंड
    • राजस्थान
    • उड़ीसा
    • गुजरात
    • हिमाचल प्रदेश
  • देश
  • राज्य
    • मध्य प्रदेश
      • सीधी
      • सिवनी
      • शहडोल
      • मांडला
      • खरगोन (पश्चिम निमाड़)
      • छिंदवाड़ा
      • झाबुआ
      • बेतूल
    • उत्तराखंड
      • उत्तरकाशी जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी
      • चमोली जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी
      • रुद्रप्रयाग जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • टिहरी गढ़वाल जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • देहरादून जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • गढ़वाल जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • पिथोरागढ़ जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • बागेश्वर जनजाति,भोटिया,थारू
      • अल्मोड़ा जनजाति,भोटिया,थारू
      • चम्पावत जनजाति,भोटिया,थारू
      • नैनीताल जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • उधमसिंह नगर जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
    • महाराष्ट्र
      • पूर्वी वन क्षेत्र
        • भंडारा
        • चंद्रपुर
        • गढ़चिरौली
        • गोंदिया
        • नागपुर
      • गोंडवाना विदर्भ क्षेत्र
        • अकोला
        • अमरावती
        • वर्धा
      • सह्याद्री क्षेत्र
        • धुले
        • जलगाँव
        • नदुरबार
        • नासिक
        • ठाणे
    • आंध्र प्रदेश
      • आदिलाबाद
      • महबूबनगर
      • पूर्व गोदावरी
      • पश्चिम गोदावरी
      • विशाखापट्टनम
    • झारखंड
      • रांची
      • सिंहभूम
      • संथाल परगना
      • पलामू
    • राजस्थान
      • उदयपुर
      • सिरोही
      • चित्तौड़गढ़़
      • डूंगरपुर
      • बांसवाड़ा
    • उड़ीसा
      • मयूरभंज
      • कोरापुट
      • क्योंझर
      • कालाहांडी
      • बालासोर
    • गुजरात
      • भरूच
      • वलसाड
      • सूरत
      • साबरकांठा
      • बनासकांठा
    • हिमाचल प्रदेश
      • किन्नौर
      • लाहौल एंड स्पीती
      • चम्बा
    • छत्तीसगढ़
      • रायपुर
      • सरगुजा
      • रायगढ़
      • राजनांदगांव
      • बस्तर
    • असम
      • असम जनजातीय बोडोलैंड
      • दीमा हसाओ
      • कार्बी आंगलोंग
      • मेघालय जनजातीय,खासी,जयंतिया,गारो हिल्स
      • त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र, चकमा, मारा
      • मिजोरम जनजातीय चकमा,मारा,लाई
  • हमारी टीम
    • हमारी सेंट्रल वर्किंग कमेटी टीम
      • राजकुमार गोस्वामी
      • (डॉ.) केशव माणिक वाल्के
      • (डॉ.) शामराव इंदरसे कोरेटी
      • डॉक्टर उजाल मुखर्जी
      • डॉ एज़ाज़ लोन
      • डॉ राजपूत भाउ साहेब
    • कल्चरल वर्किंग टीम
      • नीरज कुंदेर
      • रविंद्र देशमुख
      • सुदर्शन माने
      • विजय कुमार सालुंके
      • इन्द्राणी महतो
      • अन्वेशा घोश
      • जगननाथ कालिंदी
      • हरिकेश सिंह
    • हमारे स्टेट हेड्स
      • डाॅ जयेश कावड़िया
      • राजेश कुमार शर्मा
      • प्रवीण सिंह
      • डॉक्टर नंदकिशोर भगत
      • अशोक कुमार
      • गुरु मुन्नू चव्हान
  • विज्ञापन
    • Privacy Policy
  • बलूचिस्तान से कैलाश तक भगवान शिव की खोज में निकली एक बेटी की अद्भुत आध्यात्मिक यात्रा

  • डोडा के ‘Silent Village’ धडकाई में सोलर लैंप वितरण, बेटियों को स्किल ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा – महिला सशक्तिकरण की नई पहल

  • “जन जातीय गौरव – अस्मिता, अस्तित्व एवं विकास” इंदौर के जन जातीय अध्ययन शाला द्वारा आयोजित

  • पत्थर की धूल से चित्रकारी – ज्योति उमरे और इस कला की खासियत

  • हो समुदाय का सबसे बड़ा त्योहार है माघे

  • पाइका विद्रोह 1817 भारत का पहला संगठित सशस्त्र विद्रोह

  • ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में प्रभावी मार्केटिंग पारंपरिक और डिजिटल दोनों माध्यमों का समन्वय

  • महात्मा गांधी जयंती पर युवा बापू संघटना द्वारा रैली निकाल कर अनेक आयोजन

  • नवीनतम ट्राइबल न्यूज़ बहुआयामी दृष्टिकोण

  • जनजातीय जिला कूनूर बर्फ़बारी और भूस्खलन के कारण देश दुनिया से कटा

उत्तरकाशीगढ़वालज्वलंत खबरेट्राइबलमुख्य खबरेसंस्कृति
Home›उत्तरकाशी›गढ़वाल भारत के उत्तराखण्ड राज्य का एक प्रमुख क्षेत्र है

गढ़वाल भारत के उत्तराखण्ड राज्य का एक प्रमुख क्षेत्र है

By admin
July 27, 2021
364
0
Share:

जनजातीय समाचार नेटवर्क उत्तराखंड राज्य प्रमुख की रिपोर्ट

गढ़वाली लोग भारत के उत्तराखण्ड राज्य के गढ़वाल मण्डल के निवासियों को कहते हैं। इसमें वे सभी लोग सम्मिलित हैं जो गढ़वाली भाषा या सम्बन्धित उपभाषाएँ बोलते हैं और जो उत्तराखण्ड के गढ़वाल मण्डल के उत्तरकाशी, चमोली, टिहरी, देहरादून, पौड़ी, रूद्रप्रयाग मनिगुह गांव गढ़वाल का एक थाती गांव है जहाँ पर कुंवर परिवार रहता है आज भी वहां पर पानी के धारे है और हरिद्वार जिलों में रहते हैं। यह लोग कई सदियों से यहाँ के मूल निवासी हैं। यह धैर्यवान लोग तथा पुरानी संस्कृिती से मेल खाते हैं। दस्तावेज साक्ष्य कहता है गढ़वाल क्षेत्र में मानव जाति का निवास कम से कम वैदिक काल से है, आज के गढ़वाल के लोग कई सदियों से प्रवासी हिन्द-आर्य लोगों के विभिन्न तरंगों के वंशज हैं. गढ़वाली मूल के लोग बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश में रहते हैं। इसके अतिरिक्त दिल्ली, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में भी गढ़वाली लोग रहते हैं।

 

बैगपाइप : बैगपाइप एक पश्चिमी वाद्य यन्त्र है। यह मूल रूप से स्कॉटलैण्ड का वाद्य यन्त्र है। बैगपाइप भारत के उत्तरांचल प्रान्त में काफी प्रचलित है। यह वहाँ के विभिन्न पारम्परिक समारोहों तथा आयोजनों में बजाया जाता है। स्थानीय बोली में इसका प्रचलित नाम “पाइप” अथवा “बीन-बाजा” है, पौड़ी गढ़वाल तथा अन्य कई इलाको मे यह “मुसा बाजा” के नाम से प्रचलित है, यह अन्य स्थानीय वाद्य यन्त्रों “ढोल-दमों” के साथ बजाया जाता है। उत्तरांचल में इसके प्रचलन के पीछे अनुमान लगाया जाता है कि ब्रिटिश सेना में शामिल गढ़वाली, कुमाऊंनी सैनिकों ने इसे प्रचलित किया।

भेलू : एक सामान्य भेलू ,गढ़वाल लोक नृत्य : धार्मिक नृत्य: देवी-देवताओं से लेकर अंछरियों (अप्सराओं) और भूत-पिशाचों तक की पूजा धार्मिक नृत्यों के अभिनय द्वारा सम्पन्न की जाती है। इन नृत्यों में गीतों एवे वाद्य यंत्रों के स्वरों द्वारा देवता विशेष पर अलौकिक कम्पन के रूप में होता है। कम्पन की चरमसीमा पर वह उठकर या बैठकर नृत्य करने लगता है, इसे देवता आना कहते हैं। जिस पर देवता आता है, वह पस्वा कहलाता है। ‘ढोल दभाऊँ’ के स्वरों में भी देवताओं का नृत्य किया जाता है, धार्मिक नृत्य की चार अवस्थाएँ हैं:

  1. विशुद्ध देवी देवताओं के नृत्य: ऐसे नृत्यों में ‘जागर’ लगते हैं उनमें प्रत्येक देवता का आह्‌वान, पूजन एवं नृत्य होता है। ऐसे नृत्य यहां 40 से ऊपर है, यथा निरंकार (विष्णु), नरसिंह (हौड्या), नागर्जा (नागराजा-कृष्ण), बिनसर (शिव) आदि।
  2. देवता के रूप मेंपाण्डवों का पण्डौं नृत्य: पाण्डवों की सम्पूर्ण कथा को वातारूप में गाकर विभिन्न शैलियों में नृत्य होता है। सम्पूर्ण उत्तरी पर्वतीय शैलियों में पाण्डव नृत्य किया जाता है। कुछ शैलियां इस प्रकार है – (क) कुन्ती बाजा नृत्य, (ख) युधिष्ठिर बाजा नृत्य, (ग) भीम बाजा नृत्य, (घ) अर्जुन बाजा नृत्य, (ड़.) द्रौपदी बाजा नृत्य (च) सहदेव बाजा नृत्य, (छ) नकुल बाजा नृत्य।
  3. मृत अशान्त आत्मा नृत्य: मृतक की आत्मा को शान्त करने के लिए अत्यन्त कारूणिक गीत ‘रांसो’ का गायन होता है और डमरू तथा थाली के स्वरों में नृत्य का बाजा बजाया जाता है। इस प्रकार के छ’ नृत्य है – चर्याभूत नृत्य, हन्त्या भूत नृत्य, व्यराल नृत्य, सैद नृत्य, घात नृत्य और दल्या भूत नृत्य।
  4. रणभूत देवता: युद्ध में मरे वीर योद्धा भी देव रूप में पूजे तथा नचाए जाते है। बहुत पहले कैत्यूरों और राणा वीरों का घमासान युद्ध हुआ था। आज भी उन वीरों की अशान्त आत्मा उनके वंशजों के सिर पर आ जाती है। भंडारी जाति पर कैंत्यूर वीर और रावत जाति पर राणारौत वीर आता है। आज भी दोनों जातियों के नृत्य में रणकौशल देखने योग्य होता है। रौतेली, भंजी, पोखिरिगाल, कुमयां भूत और सुरजू कुंवर ऐसे वीर नृत्य धार्मिक नृत्यों में आते हैं

गढ़वाल मण्डल

गढ़वाल भारत के उत्तराखण्ड राज्य का एक प्रमुख क्षेत्र है। यहाँ की मुख्य भाषा गढ़वाली तथा हिन्दी है। गढ़वाल का साहित्य तथा संस्कृति बहुत समृद्ध हैं। लोक संस्कृत भी अत्यंत प्राचीन और विकसित है। गढ़वाली लोकनृत्यों के २५ से अधिक प्रकार पाए जाते हैं इनमें प्रमुख हैं- १. मांगल या मांगलिक गीत, २. जागर गीत, ३. पंवाडा, ४. तंत्र-मंत्रात्मक गीत, ५. थड्या गीत, ६. चौंफुला गीत, ७. झुमैलौ, ८. खुदैड़, ९. वासंती गीत, १०. होरी गीत, ११. कुलाचार, १२. बाजूबंद गीत, १३. लामण, १४. छोपती, १५. लौरी, १६. पटखाई में छूड़ा, १७. न्यौनाली, १८. दूड़ा, १९. चैती पसारा गीत, २०. बारहमासा गीत, २१. चौमासा गीत, २२. फौफती, २३. चांचरी, २४. झौड़ा, २५. केदरा नृत्य-गीत, २६. सामयिक गीत, २७. अन्य नृत्य-गीतों में – हंसौड़ा, हंसौडणा, जात्रा, बनजारा, बौछड़ों, बौंसरेला, सिपैया, इत्यादि। इन अनेक प्रकार के नृत्य-गीतों में गढ़वाल की लोक-विश्रुत संस्कृति की झलक स्पष्ट दृष्टिगोचर होती है। यहां के दो मुख्य मंडल हैं:-   पौड़ी गढ़वाल , टिहरी गढ़वाल

गढ़वाल मण्डल में निम्न जिले आते हैं  :

  • चमोली देहरादून   हरिद्वार  पौड़ी गढ़वाल  रुद्रप्रयाग  टिहरी गढ़वाल उत्तरकाशी

इसके अतिरिक्त कुमाऊं मण्डल में छ: जिले आते हैं।

  • अल्मोड़ा पिथौरागढ़  बागेश्वर चम्पावत  नैनीताल  उधम सिंह नगर

टिहरी गढ़वाल : पौढ़ी गढ़वाल उत्तराखण्ड का एक प्रमुख जिला है। जो कि ५,४४० स्क्वेयर मीटर के भौगोलिक दायरे मैं बसा है यह जिला एक गोले के रूप मैं बसा है जिसके उत्तर मैं चमोली, रुद्रप्रयाग और टेहरी गढ़वाल है, दक्षिण मैं उधमसिंह नगर, पूर्व मैं अल्मोरा और नैनीताल और पश्चिम मैं देहरादून और हरिद्वार स्थित है। पौढ़ी हेडक्वार्टर है। हिमालय कि पर्वत श्रृंखलाएं इसकी सुन्दरता मैं चार चाँद लगते हैं और जंगल बड़े-बड़े पहाड़ एवं जंगल पौढी कि सुन्दरता को बहुत ही मनमोहक बनाते हैं। संपूर्ण वर्ष मैं यहाँ का वातावरण बहुत ही सुहावना रहता है यहाँ की मुख्य नदियों मैं अलखनंदा और नायर प्रमुख हैं। पौढ़ी गढ़वाल की मुख्य बोली गढ़वाली है अन्य भाषा मैं हिन्दी और इंग्लिश भी यहाँ के लोग बखूबी बोलते हैं। यहाँ के लोक गीत, संगीत एवं नृत्य यहाँ की संस्कृति की संपूर्ण जगत मैं अपनी अमित चाप छोड़ती है। यहाँ की महिलाएं जब खेतों मई काम करती है या जंगलों मैं घास काटने जाती हैं तब अपने लोक गीतों को खूब गाती हैं इसी प्रकार अपने अराध्य देव को प्रसन्न करने के लिए ये लोक नृत्य करते हैं। पौढ़ी गढ़वाल त्योंहारों मैं साल्टा महादेव का मेला, देवी का मेला, भौं मेला सुभनाथ का मेला और पटोरिया मेला प्रसिद्द हैं इसी प्रकार यहाँ के पर्यटन स्थल मैं कंडोलिया का शिव मन्दिर, बिनसर महादेव, मसूरी, खिर्सू, लाल टिब्बा, ताराकुण्ड, जल्प देवी मन्दिर प्रमुख हैं। यहाँ से नजदीक हवाई अड्डा जोली ग्रांट जो की पौढ़ी से १५०-१६० किमी की दूरी पर है रेलवे का नजदीक स्टेशन कोटद्वार है एवं सड़क मार्ग मैं यह ऋषिकेश, कोटद्वार एवं देहरादून से जुडा है।

गढ़वाल में धर्म : गढ़वाल में निवास करने वाले व्यक्तियों में से अधिकांश हिन्दू हैं। यहाँ निवास करने वाले अन्य व्यक्तियों में मुस्लिम, सिख, ईसाई एवं बौद्ध धर्म के लोग सम्मिलित हैं। गढ़वाल का अधिकांश भाग पवित्र भू-दृश्यों एवं प्रतिवेशों से परिपूर्ण है। उनकी पवित्रता देवताओं/पौराणिक व्यक्ति तत्वों, साधुओं एवं पौराणिक एतिहासिक घटनाओं से सम्बद्ध है। गढ़वाल के वातावरण एवं प्राकृतिक परिवेश का धर्म पर अत्याधिक प्रभाव पड़ा है। विष्णु एवं शिव के विभिन्न स्वरुपों की पूजा सम्पूर्ण क्षेत्र में किये जाने के साथ-2 इस पर्वतीय क्षेत्र में स्थानीय देवी एवं देवताओं की भी बहुत अधिक पूजा-अर्चना की जाती है। कठिन भू-भाग एवं जलवायु स्थितयों के कारण पहाडों पर जीवन कठिनाइयों एवं आपदाओं से परिपूर्ण है। भय को दूर करने के लिए यहाँ स्थानीय देवी देवताओं की पूजा लोकप्रिय है।

यहां सभी हिन्दू मत हैं: वैष्णव, शैव एवं शाक्त।

गढ़वाल के मेले: गढ़वाल में अनेकों त्यौहार मनाए जाते हैं। इन में से बहुत से त्यौहारों पर प्रसिद्ध मेले भी लगते हैं। ये मेले सांप्रदायिक सौहार्द का वातावरण बनाए रखने में भरपूर सहयोग देते हैं। इसके साथ ही यहां की संस्कृति को फलने फूलने एवं आदान प्रदान का भरपूर अवसर देते हैं। इनमें से कुछ प्रमुख मेले इस प्रकार से हैं:

  • बसंत पंचमी मेला, कोटद्वार
  • पूर्णागिरी मेला, टनकपुर
  • देवीधूरा मेला
  • कुंभ एवं अर्धकुंभ मेला, हरिद्वार
  • नैनीताल महोत्सव
  • गढ़वाल एंव कुमायूँ महोत्सव
  • पिरान कलियर उर्स

कला एवं चित्रकारी : चाँदी के समान श्वेत पर्वत शिखर कल-2 करती चमकदार सरिताएं, हरी भरी घाटियाँ एवं यहाँ की शीत जलवायु ने शान्ति एवं स्वास्थय लाभ हेतु एक विशाल संख्या में पर्यटकों को गढ़वाल के पर्वतों की ओर आकर्षित किया है। यह एक सौन्दर्यपूर्ण भूमि है जिसने महर्षि बाल्मिकी एवं कालीदास जैसे महान लेखकों को प्रेरणा प्रदान की है। इन सभी ने पेन्टिंग एवं कला के साथ-2 गढ़वाल की शैक्षिक सम्पदा को अन्तिम नीव प्रदान की है।

पत्थर पर नक्काशी की यहाँ की मूल कला धीरे-2 समाप्त हो गई है। परन्तु लकड़ी पर नक्काशी आज भी यहाँ उपलब्ध है। यहाँ पर केवल अर्द्धशताब्दी पूर्व तक के गृहों के प्रत्येक दरवाजे पर लकड़ी की नक्काशी का कार्य देखा जा सकता है इसके अतिरिक्त लकड़ी की नक्काशी का कार्य सम्पूर्ण गढ़वाल में स्थित सकडों मन्दिरों में देखा जा सकता है। वास्तुशिल्प कार्य के अवशेष गढ़वाल में निम्न स्थलों पर पाये जा सकते हैं। चान्दपुर किला, श्रीनगर-मन्दिर, बद्रीनाथ के निकट पाडुकेश्वर, जोशीमठ के निकट देवी मादिन एवं देवलगढ मन्दिर उपरोक्त सभी संरचनाएं गढ़वाल में एवं चन्डी जिले में स्थित है।

लोक संगीत : गढ़वाल भी समस्त भारत की तरह संगीत से अछूता नहीं है। यहां की अपनी संगीत परंपराएं हैं, व अपने लोकगीत हैं। इनमें से खास हैं:

  • छोपाटी , चौन फूला एवं झुमेला , बसंती , मंगल , पूजा लोकगीत , जग्गार , बाजुबंद ,खुदेद ,छुरा

लोक नृत्य : जहां का संगीत इतना समृद्ध है, वहां का लोकनृत्य भी उसी श्रेणी का है। इनमें पुरुष व स्त्री, दोनों ही के नृत्य हैं, एवं सम्मिलित नृत्य भी आते हैं। इन लोक नृत्यों में प्रमुख हैं:

  • लांगविर नुल्या , बरादा नटि , पान्डव नृत्य, धुरंग एवं धुरिंग

पहनावा : गढ़वाल के निवासी विभिन्न प्रकार के वस्त्र पहनते हैं। निम्न परिवर्ती इनके वस्त्रों के चयन को प्रभावित करते हैं।
परम्पराएं : स्थानीय उपलब्ध सामग्री

  1. लोगों के कार्य करने की आदतें
  2. जलवायु स्थितियाँ (मुख्यतः तापमान)

जाति एवं धर्म के आधार पर यहाँ के लोगों के पहनावे में विशेष परिवर्तन नहीं पाया जाता है। उनके पहनावे में परिवर्तन के विभिन्न कारणों को ऊपर सूचीबद्ध किया गया है। यहाँ की महिलाओं के वस्त्र इन्हे खेतों में कार्य करने के लिए उपयुक्त होते हैं। महिलाओं के वस्त्रों की विशिष्टता यह है कि वे वनमार्गों से गुजरते समय झाडियों में नहीं उलझते हैं। तथापि यहाँ के लोगों के वस्त्रों पर उनकी आर्थिक स्थिति का प्रभाव स्पष्टतः दिखाई पड़ता है। देहरादून, ऋषिकेश एवं श्रीनगर जैसे शहरों एवं नगरों के निवासियों का पहनावा पश्चिमी संस्कृति के प्रभाव के कारण परिवर्तित हो गया है। मैदानी क्षेत्रों में कार्यरत यहाँ के स्थानीय निवासी यहाँ वापिस आते समय अच्छी गुणवत्ता वाले सिले हुये वस्त्रों को यहाँ लाते हैं यहाँ के लोगों के पहनावे के आधार पर गढ़वाल को निम्न क्षेत्रों में विभाजित किया जा सकता है।

 

TagsRemove term: गढ़वाल भारत के उत्तराखण्ड राज्य का एक प्रमुख क्षेत्र है गढ़वाल भारत के उत्तराखण्ड राज्य का एक प्रमुख क्षेत्र है
Previous Article

टिहरी गढ़वाल पर्वतों के बीच स्थित यह स्थान ...

Next Article

बोड़ो (असमिया: বড়ো/बड़ो) पूर्वोत्तर भारत के असम ...

0
Shares
  • 0
  • +
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

admin

Related articles More from author

  • ट्राइबलउदयपुरचित्तौड़गढ़़ज्वलंत खबरेमुख्य खबरेराजनीति

    ट्राइबल एडवाइजरी काउंसिल में मनोनीत

    June 23, 2024
    By admin
  • उड़ीसाकालाहांडीकिन्नौरकोरापुटक्योंझरगुजरातगोंदियाचंद्रपुरछत्तीसगढ़ज्वलंत खबरेझारखंडट्राइबलबस्तरमयूरभंजमुख्य खबरेरांचीराजनांदगांवराजनीति

    ट्राइबल न्यूज़ के टेक्निकल हेड राजकुमार गोस्वामी ने मयूरभंज महाराजा प्रवीण चंद्र भंजदेव के बेलगड़िया पैलेस पर की मुलाकात

    March 3, 2021
    By admin
  • झारखंड सरना संघ केंद्र सरकार के कानों में श्रव्य आवाज़ उठाना था ताकि उन्हें पूर्व से संरक्षित किया जा सके
    झारखंडमुख्य खबरे

    झारखंड सरना संघ:मयूरभंज जिले के झोरड़ी ओडिशा में अखिल भारतीय सरना धरम।

    May 27, 2020
    By admin
  • उत्तराखंडचित्तौड़गढ़़ज्वलंत खबरेट्राइबलडूंगरपुरबांसवाड़ामुख्य खबरेराजनीतिराजस्थानसंस्कृति

    शहीद भगत सिंह के जन्मदिन पर मूर्ति अनावरण के अवसर पर भारत मा अमर रहे के नारों से गूंजा माहौल

    September 29, 2021
    By admin
  • उड़ीसाझारखंडट्राइबलमहाराष्ट्रमुख्य खबरेरांची

    महान स्वतंत्रता सेनानी क्रांतिकारी मानवतावादी बिरसा मुंडा जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन

    November 15, 2020
    By admin
  • ट्राइबलज्वलंत खबरेमुख्य खबरेसंस्कृति

    जनजातीय उत्सव केलांग में होगी मिनी मैराथन

    August 6, 2024
    By admin

Leave a reply Cancel reply

You may interested

  • उत्तराखंडऑडियो गैलरीछत्तीसगढ़ज्वलंत खबरेझारखंडट्राइबलदक्षिण अफ्रीकीदक्षिण अफ्रीकी आदिवासियोंदक्षिणी अफ्रीकामुख्य खबरेवर्धासंस्कृति

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू – आदिवासी समुदाय सरकार के प्रयासों के सबसे बड़े लाभार्थी

  • गढ़चिरौली

    प्राचीन काल में गढ़चिरौली पर राष्ट्रकूट चालुक्य देवगिरि के यादव गोंडों का शासन था

  • ट्राइबलगोंदियाज्वलंत खबरेमध्यप्रदेशमहाराष्ट्रमुख्य खबरेसंस्कृति

    कचारगढ़ में 3 करोड़ श्रद्धालुओं के निवास का भूमिपूजन किया गया

  • SUPERPOWER OR BUSINESS POWER?
    Blogअमेरिकाआंध्र प्रदेशउत्तराखंड देवभूमि

    सुपरपावर या बिजनेस पावर? क्या अमेरिका युद्ध लड़ रहा है… या मुनाफा कमा रहा है?

  • उड़ीसाछत्तीसगढ़छिंदवाड़ाज्वलंत खबरेझारखंडट्राइबलदुर्गबस्तरमध्यप्रदेशमहाराष्ट्रमांडलामुख्य खबरेराजनांदगांवराजनीतिरायगढ़रायपुरसंस्कृतिसरगुजा

    राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि अभी कोरोना का संक्रमण खत्म नहीं हुआ

Feel Free to Contact us

  • Mahua 1
  • world tribal day 1
  • World tribal day 2
  • Rani Durgwati 3
  • Recognizing Rights And Overcoming Challenges
  • maxresdefault
  • Energy Swaraj
  • ad2
  • 15cdaae1-fd77-40b0-b099-08865070ae65
  • 824161a7-333c-4b88-873f-282ecc25b5cf
  • 71ece4f1-4d4c-43f6-974b-d8218c12c02d
  • e8eb2617-e21c-484a-a215-23520af688fb
  • 2a34430d-6c8b-452b-b5b2-afe11562b2a0
  • LATEST REVIEWS

  • TOP REVIEWS

  • रांची झारखंड राज्य का आदिवासी शहर जो आदिवासी क्रांतिकारी और स्वतंत्रता के लिए जाना जाता ...

Timeline

  • August 4, 2026

    बलूचिस्तान से कैलाश तक भगवान शिव की खोज में निकली एक बेटी की अद्भुत आध्यात्मिक यात्रा

  • May 24, 2026

    सुपरपावर या बिजनेस पावर? क्या अमेरिका युद्ध लड़ रहा है… या मुनाफा कमा रहा है?

  • February 17, 2026

    आदिवासी परिवारों को सोलर लैम्प पहली बार यहाँ के घरों तक सोलर रोशनी पहुँची है बिंदी सोलर लैम्प्स के माध्यम से

  • February 15, 2026

    विश्व प्रसिद्ध आदिवासी कचारगढ़ मेला आज 3 फरवरी को भव्य धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के साथ संपन्न

  • February 15, 2026

    डोडा के ‘Silent Village’ धडकाई में सोलर लैंप वितरण, बेटियों को स्किल ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा – महिला सशक्तिकरण की नई पहल

Always with Truth

https://www.tribalnews.in/wp-content/uploads/2021/11/Logo-Final.mp4

जनजातीय समाचार भारत आधारित डिजिटल समाचार और मीडिया संगठन है जो भारत के सभी जनजातीय राज्यों से बड़े दर्शकों के लिए अद्वितीय और प्रासंगिक समाचार और सूचनात्मक वीडियो लाता है। जनजातीय समाचार हमारे प्रांत में होने वाली घटनाओं के संतुलित, सटीक समाचार कवरेज पर विश्वास करते हैं, स्थानीय लोगों को दैनिक घटनाओं पर भरोसेमंद जानकारी देते हैं जो उनके जीवन को प्रभावित करते हैं।
जनजातीय समाचार में अत्याधुनिक डिजिटल कनेक्टिविटी है और इसका प्रसारण केंद्र भारत में 9 से अधिक राज्यों के क्षेत्र को कवर करता है। इसका प्रसारण के लिए: वेबसाइट: http://www.tribalnews.in
आप हमें यहाँ पर अनुसरण कर सकते हैं: You Tube , Face Book

  • रीसेंट पोस्ट

  • पॉपुलर पोस्ट

  • सबसे ज्यादा कमैंट्स

  • बलूचिस्तान से कैलाश तक भगवान शिव की खोज में निकली एक बेटी की अद्भुत आध्यात्मिक ...

    By admin
    August 4, 2026
  • SUPERPOWER OR BUSINESS POWER?

    सुपरपावर या बिजनेस पावर? क्या अमेरिका युद्ध लड़ रहा है… या मुनाफा कमा रहा है?

    By admin
    May 24, 2026
  • आदिवासी परिवारों को सोलर लैम्प पहली बार यहाँ के घरों तक सोलर रोशनी पहुँची है ...

    By admin
    February 17, 2026
  • विश्व प्रसिद्ध आदिवासी कचारगढ़ मेला आज 3 फरवरी को भव्य धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के ...

    By admin
    February 15, 2026
  • वीडियो गैलरी 1

    By admin
    April 12, 2020
  • मुख्य भि भरत – जनजातियों की ओडिशा: मनकीडिया जनजाति

    By admin
    April 12, 2020
  • छोटा नागपुर का मुंडा आदिवासी – एक वृत्तचित्र मूवी

    By admin
    April 21, 2020
  • मुख्य भि भारत – जनजातियों का भारत, पेसा अधिनियम

    By admin
    April 21, 2020

Padam Shri Award Winner Tulsi Gawda

https://www.tribalnews.in/wp-content/uploads/2021/11/TulsigowadaPAdamshriAwardBy-Honbl.PresidentIndiaNewdelhi8NovemberTribal-news.mp4

फॉलो अस

  • होम
  • Blog
  • लाइव न्यूज़
  • वीडियो न्यूज़
  • जनजाति साक्षात्कार
  • मुख्य खबरे
  • देश
  • राज्य
  • हमारी टीम
  • विज्ञापन
Privacy Policy © Copyright tribalnews.in. All rights reserved.

WhatsApp us