Tribal News

Main Menu

  • होम
  • Blog
  • लाइव न्यूज़
  • वीडियो न्यूज़
  • जनजाति साक्षात्कार
  • मुख्य खबरे
    • मध्यप्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • महाराष्ट्र
    • आंध्र प्रदेश
    • झारखंड
    • राजस्थान
    • उड़ीसा
    • गुजरात
    • हिमाचल प्रदेश
  • देश
  • राज्य
    • मध्य प्रदेश
      • सीधी
      • सिवनी
      • शहडोल
      • मांडला
      • खरगोन (पश्चिम निमाड़)
      • छिंदवाड़ा
      • झाबुआ
      • बेतूल
    • उत्तराखंड
      • उत्तरकाशी जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी
      • चमोली जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी
      • रुद्रप्रयाग जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • टिहरी गढ़वाल जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • देहरादून जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • गढ़वाल जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • पिथोरागढ़ जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • बागेश्वर जनजाति,भोटिया,थारू
      • अल्मोड़ा जनजाति,भोटिया,थारू
      • चम्पावत जनजाति,भोटिया,थारू
      • नैनीताल जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • उधमसिंह नगर जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
    • महाराष्ट्र
      • पूर्वी वन क्षेत्र
      • गोंडवाना विदर्भ क्षेत्र
      • सह्याद्री क्षेत्र
    • आंध्र प्रदेश
      • आदिलाबाद
      • महबूबनगर
      • पूर्व गोदावरी
      • पश्चिम गोदावरी
      • विशाखापट्टनम
    • झारखंड
      • रांची
      • सिंहभूम
      • संथाल परगना
      • पलामू
    • राजस्थान
      • उदयपुर
      • सिरोही
      • चित्तौड़गढ़़
      • डूंगरपुर
      • बांसवाड़ा
    • उड़ीसा
      • मयूरभंज
      • कोरापुट
      • क्योंझर
      • कालाहांडी
      • बालासोर
    • गुजरात
      • भरूच
      • वलसाड
      • सूरत
      • साबरकांठा
      • बनासकांठा
    • हिमाचल प्रदेश
      • किन्नौर
      • लाहौल एंड स्पीती
      • चम्बा
    • छत्तीसगढ़
      • रायपुर
      • सरगुजा
      • रायगढ़
      • राजनांदगांव
      • बस्तर
    • असम
      • असम जनजातीय बोडोलैंड
      • दीमा हसाओ
      • कार्बी आंगलोंग
      • मेघालय जनजातीय,खासी,जयंतिया,गारो हिल्स
      • त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र, चकमा, मारा
      • मिजोरम जनजातीय चकमा,मारा,लाई
  • हमारी टीम
    • हमारी सेंट्रल वर्किंग कमेटी टीम
      • राजकुमार गोस्वामी
      • (डॉ.) केशव माणिक वाल्के
      • (डॉ.) शामराव इंदरसे कोरेटी
      • डॉक्टर उजाल मुखर्जी
      • डॉ एज़ाज़ लोन
      • डॉ राजपूत भाउ साहेब
    • कल्चरल वर्किंग टीम
      • नीरज कुंदेर
      • रविंद्र देशमुख
      • सुदर्शन माने
      • विजय कुमार सालुंके
      • इन्द्राणी महतो
      • अन्वेशा घोश
      • जगननाथ कालिंदी
      • हरिकेश सिंह
    • हमारे स्टेट हेड्स
      • डाॅ जयेश कावड़िया
      • राजेश कुमार शर्मा
      • प्रवीण सिंह
      • डॉक्टर नंदकिशोर भगत
      • अशोक कुमार
      • गुरु मुन्नू चव्हान
  • विज्ञापन
    • Privacy Policy

logo

  • होम
  • Blog
  • लाइव न्यूज़
  • वीडियो न्यूज़
  • जनजाति साक्षात्कार
  • मुख्य खबरे
    • मध्यप्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • महाराष्ट्र
    • आंध्र प्रदेश
    • झारखंड
    • राजस्थान
    • उड़ीसा
    • गुजरात
    • हिमाचल प्रदेश
  • देश
  • राज्य
    • मध्य प्रदेश
      • सीधी
      • सिवनी
      • शहडोल
      • मांडला
      • खरगोन (पश्चिम निमाड़)
      • छिंदवाड़ा
      • झाबुआ
      • बेतूल
    • उत्तराखंड
      • उत्तरकाशी जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी
      • चमोली जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी
      • रुद्रप्रयाग जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • टिहरी गढ़वाल जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • देहरादून जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • गढ़वाल जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • पिथोरागढ़ जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • बागेश्वर जनजाति,भोटिया,थारू
      • अल्मोड़ा जनजाति,भोटिया,थारू
      • चम्पावत जनजाति,भोटिया,थारू
      • नैनीताल जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • उधमसिंह नगर जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
    • महाराष्ट्र
      • पूर्वी वन क्षेत्र
        • भंडारा
        • चंद्रपुर
        • गढ़चिरौली
        • गोंदिया
        • नागपुर
      • गोंडवाना विदर्भ क्षेत्र
        • अकोला
        • अमरावती
        • वर्धा
      • सह्याद्री क्षेत्र
        • धुले
        • जलगाँव
        • नदुरबार
        • नासिक
        • ठाणे
    • आंध्र प्रदेश
      • आदिलाबाद
      • महबूबनगर
      • पूर्व गोदावरी
      • पश्चिम गोदावरी
      • विशाखापट्टनम
    • झारखंड
      • रांची
      • सिंहभूम
      • संथाल परगना
      • पलामू
    • राजस्थान
      • उदयपुर
      • सिरोही
      • चित्तौड़गढ़़
      • डूंगरपुर
      • बांसवाड़ा
    • उड़ीसा
      • मयूरभंज
      • कोरापुट
      • क्योंझर
      • कालाहांडी
      • बालासोर
    • गुजरात
      • भरूच
      • वलसाड
      • सूरत
      • साबरकांठा
      • बनासकांठा
    • हिमाचल प्रदेश
      • किन्नौर
      • लाहौल एंड स्पीती
      • चम्बा
    • छत्तीसगढ़
      • रायपुर
      • सरगुजा
      • रायगढ़
      • राजनांदगांव
      • बस्तर
    • असम
      • असम जनजातीय बोडोलैंड
      • दीमा हसाओ
      • कार्बी आंगलोंग
      • मेघालय जनजातीय,खासी,जयंतिया,गारो हिल्स
      • त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र, चकमा, मारा
      • मिजोरम जनजातीय चकमा,मारा,लाई
  • हमारी टीम
    • हमारी सेंट्रल वर्किंग कमेटी टीम
      • राजकुमार गोस्वामी
      • (डॉ.) केशव माणिक वाल्के
      • (डॉ.) शामराव इंदरसे कोरेटी
      • डॉक्टर उजाल मुखर्जी
      • डॉ एज़ाज़ लोन
      • डॉ राजपूत भाउ साहेब
    • कल्चरल वर्किंग टीम
      • नीरज कुंदेर
      • रविंद्र देशमुख
      • सुदर्शन माने
      • विजय कुमार सालुंके
      • इन्द्राणी महतो
      • अन्वेशा घोश
      • जगननाथ कालिंदी
      • हरिकेश सिंह
    • हमारे स्टेट हेड्स
      • डाॅ जयेश कावड़िया
      • राजेश कुमार शर्मा
      • प्रवीण सिंह
      • डॉक्टर नंदकिशोर भगत
      • अशोक कुमार
      • गुरु मुन्नू चव्हान
  • विज्ञापन
    • Privacy Policy
  • डोडा के ‘Silent Village’ धडकाई में सोलर लैंप वितरण, बेटियों को स्किल ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा – महिला सशक्तिकरण की नई पहल

  • “जन जातीय गौरव – अस्मिता, अस्तित्व एवं विकास” इंदौर के जन जातीय अध्ययन शाला द्वारा आयोजित

  • पत्थर की धूल से चित्रकारी – ज्योति उमरे और इस कला की खासियत

  • हो समुदाय का सबसे बड़ा त्योहार है माघे

  • पाइका विद्रोह 1817 भारत का पहला संगठित सशस्त्र विद्रोह

  • ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में प्रभावी मार्केटिंग पारंपरिक और डिजिटल दोनों माध्यमों का समन्वय

  • महात्मा गांधी जयंती पर युवा बापू संघटना द्वारा रैली निकाल कर अनेक आयोजन

  • नवीनतम ट्राइबल न्यूज़ बहुआयामी दृष्टिकोण

  • जनजातीय जिला कूनूर बर्फ़बारी और भूस्खलन के कारण देश दुनिया से कटा

  • आदिवासी युवा पीढ़ी को हर लिहाज से सशक्त बनाने के लिए झार खण्ड सरकार प्रतिबद्ध

अल्मोड़ाउत्तरकाशीउत्तराखंडउत्तराखंड देवभूमिउधमसिंह नगरचमोलीचम्पावतज्वलंत खबरेटिहरी गढ़वालट्राइबलदेहरादूनपिथोरागढ़मनोरंजनमुख्य खबरेरुद्रप्रयागसंस्कृतिहिमाचल प्रदेश
Home›अल्मोड़ा›बागेश्वर धार्मिक गाथाओं अत्याकर्षक प्राकृतिक दृश्यों के कारण प्रसिद्ध है

बागेश्वर धार्मिक गाथाओं अत्याकर्षक प्राकृतिक दृश्यों के कारण प्रसिद्ध है

By admin
July 21, 2021
438
0
Share:

जनजातीय समाचार नेटवर्क उत्तराखंड राज्य प्रमुख की रिपोर्ट

बागेश्वर धार्मिक गाथाओं अत्याकर्षक प्राकृतिक दृश्यों के कारण प्रसिद्ध है

बागेश्वर भारत के उत्तराखण्ड राज्य का एक जिला है, जिसके मुख्यालय बागेश्वर नगर में स्थित हैं। इस जिले के उत्तर तथा पूर्व में पिथौरागढ़ जिला, पश्चिम में चमोली जिला, तथा दक्षिण में अल्मोड़ा जिला है। बागेश्वर जिले की स्थापना १५ सितंबर १९९७ को अल्मोड़ा के उत्तरी क्षेत्रों से की गयी थी। २०११ की जनगणना के अनुसार रुद्रप्रयाग तथा चम्पावत के बाद यह उत्तराखण्ड का तीसरा सबसे कम जनसंख्या वाला जिला है।

यह जिला धार्मिक गाथाओं, पर्व आयोजनों और अत्याकर्षक प्राकृतिक दृश्यों के कारण प्रसिद्ध है। प्राचीन प्रमाणों के आधार पर बागेश्वर शब्द को ब्याघ्रेश्वर से विकसित माना गया है। यह शब्द प्राचीन भारतीय साहित्य में अधिक प्रसिद्ध है। बागनाथ मंदिर, कौसानी, बैजनाथ, विजयपुर आदि जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं। जिले में ही स्थित पिण्डारी, काफनी, सुन्दरढूंगा इत्यादि हिमनदों से पिण्डर तथा सरयू नदियों का उद्गम होता है।

इतिहास : वर्तमान बागेश्वर क्षेत्र ऐतिहासिक तौर पर दानपुर के नाम से जाना जाता था, और ७वीं शताब्दी के समय यहाँ कत्यूरी राजवंश का शासन था। १३वीं शताब्दी में कत्यूरी राजवंश के विघटन के बाद यह क्षेत्र बैजनाथ कत्यूरों के शासन में आ गया। १५६५ में राजा बालो कल्याण चन्द ने पाली, बारहमण्डल और गंगोली के साथ दानपुर पर भी कब्ज़ा कर इसे कुमाऊं में शामिल कर लिया। सन् १६०२ मे राजा लक्ष्मी चन्द ने बागनाथ के वर्तमान मुख्य मन्दिर एवं मन्दिर समूह का पुनर्निर्माण किया था। १७९१ में, कुमाऊं की राजधानी अल्मोड़ा पर नेपाल के गोरखाओं ने हमला किया और कब्जा कर लिया। गोरखाओं ने इस क्षेत्र पर २४ वर्षों तक शासन किया और बाद में १८१४ में ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा पराजित होकर, १८१६ में सुगौली संधि के तहत कुमाऊं को अंग्रेजों को सौंप दिया।

१९वीं सदी के प्रारम्भ में बागेश्वर आठ-दस घरों की एक छोटी सी बस्ती थी। सन् १८६० के आसपास यह स्थान २००-३०० दुकानों एवं घरों वाले एक कस्बे का रूप धारण कर चुका था। मुख्य बस्ती मन्दिर से संलग्न थी। सरयू नदी के पार दुग बाजार और सरकारी डाक बंगले का विवरण मिलता है। एटकिन्सन के हिमालय गजेटियर में वर्ष १८८६ में इस स्थान की स्थायी आबादी ५०० बतायी गई है। वर्ष १९२१ के उत्तरायणी मेले के अवसर पर कुमाऊँ केसरी बद्री दत्त पाण्डेय, हरगोविंद पंत, श्याम लाल साह, विक्टर मोहन जोशी, राम लाल साह, मोहन सिह मेहता, ईश्वरी लाल साह आदि के नेतृत्व में सैकड़ों आन्दोलनकारियों ने कुली बेगार के रजिस्टर बहा कर इस कलंकपूर्ण प्रथा को समाप्त करने की कसम इसी सरयू तट पर ली थी।

बागेश्वर को १९७४ में अलग तहसील बनाया गया, और १९७६ में इसे परगना घोषित कर दिया गया था। परगना दानपुर के ४७३, खरही के ६६, कमस्यार के १६६, और पुँगराऊ के ८७ गाँवों का समेकन केन्द्र होने के कारण शीघ्र ही यह प्रमुख प्रशासनिक केन्द्र बन गया। १९८५ से ही इसे जिला घोषित करने की मांग अलग-अलग पार्टियों और क्षेत्रीय लोगों द्वारा उठाई जाने लगी, और फिर, १५ सितंबर १९९७ को उत्तर प्रदेश की तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने बागेश्वर को उत्तर प्रदेश का नया जिला घोषित कर दिया।

चंद राजवंश के राजा लक्ष्मीचंद ने 1450 में बागेश्वर में एक मंदिर की स्थापना की थी। यह प्राचीन काल से ही भगवान शिव और माता पार्वती की पवित्र भूमि के रूप में प्रसिद्ध रहा है। पुराणों के अनुसार बागेश्वर को देवों का देव कहा जाता है। बागेश्वर में स्थित प्राचीन मंदिर बागनाथ मंदिर के नाम पर ही इस जिले का नाम बागेश्वर रखा गया। उत्तराखंड में बागेश्वर को भगवान शिव के कारण ही तीर्थराज के तौर पर भी जाना जाता है। बागेश्वर वास्तव में भगवान शिव की लीला स्थली मानी जाती है। भगवान शिव के गण चंदिस ने इस क्षेत्र की स्थापना की थी। यहां पर भगवान शिव और पार्वती निवास करते थे।

जनसांख्यिकी : २०११ की जनगणना के अनुसार बागेश्वर जिले की जनसंख्या २,५९,८४० है, जो लगभग वानूआतू देश के बराबर है। जनसंख्या के मामले में भारत के जिलों में इसका स्थान ५७८वां है (कुल ६४० में से)। जिले में जनसंख्या घनत्व ११६ व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है। २००१-२०११ के दशक में इसकी जनसंख्या वृद्धि दर ५.१३% थी। बागेश्वर की साक्षरता दर ८०.६९% है और लिंग अनुपात १०९३ महिलायें प्रति १००० पुरुष है।

प्रशासन : जिले के प्रशासनिक मुख्यालय बागेश्वर नगर में हैं। प्रशासनिक कार्यों के लिए जिले को सात तहसीलों में विभाजित किया गया है: बागेश्वर, कपकोट, गरुड़, कांडा, दुगनाकुरी, शामा तथा काफलीगैर। इसके अतिरिक्त जिले को आगे ३ सामुदायिक विकास खण्डों और ३९७ ग्राम पंचायतों में भी बांटा गया है। जिले में कुल ९४७ गांव और २ नगर हैं। बागेश्वर तहसील का गठन १९७४ में हुआ था। १२ सितम्बर १९९७ को बागेश्वर तहसील से २४७ ग्रामों के साथ कपकोट तहसील का गठन किया गया। इसके बाद फरवरी २००४ में बागेश्वर तहसील के १९७ ग्रामों से गरुड़ तहसील, तथा बागेश्वर के १४७, और कपकोट के ३३ ग्रामों से कांडा तहसील का गठन किया गया। शामा तहसील का गठन २३ अक्टूबर २०१३ को, और दुगनाकुरी तथा काफलीगैर तहसीलों का गठन २०१४ में क्रमशः १९ फरवरी तथा ११ नवंबर को हुआ।

सम्पूर्ण जिला अल्मोड़ा लोक सभा क्षेत्र का हिस्सा है, तथा इसमें दो उत्तराखण्ड विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र हैं: बागेश्वर तथा कपकोट। राज्य गठन के समय कांडा विधान सभा क्षेत्र भी था, परन्तु २००९ में हुए परिसीमन के बाद उसका विलय कपकोट में ही कर दिया गया।

Tagsबागेश्वर धार्मिक गाथाओं अत्याकर्षक प्राकृतिक दृश्यों के कारण प्रसिद्ध है
Previous Article

अल्मोड़ा भारतीय राज्य उत्तराखण्ड का एक महत्वपूर्ण ...

Next Article

चमोली बर्फ से ढके पर्वतों के बीच ...

0
Shares
  • 0
  • +
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

admin

Related articles More from author

  • अल्मोड़ाउत्तरकाशीउत्तराखंडउत्तराखंड देवभूमिउधमसिंह नगरगढ़वालचमोलीचम्पावतज्वलंत खबरेटिहरी गढ़वालट्राइबलदेहरादूननैनीतालपिथोरागढ़मनोरंजनमुख्य खबरेरुद्रप्रयागसंस्कृति

    चम्पावत नैसर्गिक, धार्मिक और एतिहासिकता की त्रिवेणी है

    July 22, 2021
    By admin
  • उत्तराखंडमुख्य खबरे

    उत्तराखंड राज्य प्रमुख स्वामी सत्यानंद जी का विवरण

    December 15, 2020
    By admin
  • छत्तीसगढ़ट्राइबलमध्यप्रदेशमांडलामुख्य खबरेराजनीतिरायपुरसंस्कृतिसिवनी

    राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने बैगा जनजातियों की समस्याओं को नजदीक से जाना

    December 29, 2020
    By admin
  • गुजरातट्राइबलभरूच

    भरुच शहर आदिवासी जिला_तालुका _ज़गडिया _नेत्रग _वालिया सोलंकी राजवंश के लिए गौरव का प्रतीक है

    June 5, 2020
    By admin
  • झारखंड में आदिवासी
    झारखंडमुख्य खबरे

    झारखंड अनुसूचित जनजाति मुख्य रूप से ग्रामीण हैं

    May 27, 2020
    By admin
  • असमअसम जनजातीय बोडोलैंडउत्तराखंड देवभूमिकार्बी आंगलोंगज्वलंत खबरेट्राइबलत्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र, चकमा, मारादीमा हसाओमिजोरम जनजातीय चकमा,मारा,लाईमुख्य खबरेमेघालय जनजातीय,खासी,जयंतिया,गारो हिल्ससंस्कृति

    हिमालय की पहाड़ियों में बसा मेघालय देश के सबसे खूबसूरत राज्यों में से एक है

    July 30, 2021
    By admin

Leave a reply Cancel reply

You may interested

  • उड़ीसाकालाहांडीकिन्नौरकोरापुटक्योंझरगुजरातगोंदियाचंद्रपुरछत्तीसगढ़ज्वलंत खबरेझारखंडट्राइबलबस्तरमयूरभंजमुख्य खबरेरांचीराजनांदगांवराजनीति

    ट्राइबल न्यूज़ के टेक्निकल हेड राजकुमार गोस्वामी ने मयूरभंज महाराजा प्रवीण चंद्र भंजदेव के बेलगड़िया पैलेस पर की मुलाकात

  • अकोलाअमरावतीउड़ीसागोंडवाना विदर्भ क्षेत्रगोंदियाचंद्रपुरज्वलंत खबरेट्राइबलनासिकपूर्वी वन क्षेत्रमहाराष्ट्रमुख्य खबरेराजनीति

    भारतीय जनता पार्टी की ओर से ओबीसी का राष्ट्रीय आरक्षण इस सरकार के राज्यव्यापी रास्ता रोको तथा चक्का जाम आंदोलन

  • मुख्य खबरेजनजाति साक्षात्कारझारखंडराजनीति

    ट्राइबल न्यूज़ नेटवर्क टीम के साथ एक ख़ास मुलकात समीर उराव

  • ट्राइबलनागपुरपूर्वी वन क्षेत्र

    सावित्रीबाई फुले पहली प्रिंसिपल और पहले किसान स्कूल की संस्थापक थीं

  • आंध्र प्रदेशआदिलाबादउड़ीसाउत्तराखंडट्राइबलमध्यप्रदेशमहाराष्ट्रमुख्य खबरेरांचीराजनीतिरायपुरहिमाचल प्रदेश

    ट्राइबल न्यूज और पर्यावरण पोस्ट से राज्यसभा सांसद समीर उरांव की खास बातचीत

Feel Free to Contact us

  • Mahua 1
  • world tribal day 1
  • World tribal day 2
  • Rani Durgwati 3
  • Recognizing Rights And Overcoming Challenges
  • maxresdefault
  • Energy Swaraj
  • ad2
  • 15cdaae1-fd77-40b0-b099-08865070ae65
  • 824161a7-333c-4b88-873f-282ecc25b5cf
  • 71ece4f1-4d4c-43f6-974b-d8218c12c02d
  • e8eb2617-e21c-484a-a215-23520af688fb
  • 2a34430d-6c8b-452b-b5b2-afe11562b2a0
  • LATEST REVIEWS

  • TOP REVIEWS

  • रांची झारखंड राज्य का आदिवासी शहर जो आदिवासी क्रांतिकारी और स्वतंत्रता के लिए जाना जाता ...

Timeline

  • February 17, 2026

    आदिवासी परिवारों को सोलर लैम्प पहली बार यहाँ के घरों तक सोलर रोशनी पहुँची है बिंदी सोलर लैम्प्स के माध्यम से

  • February 15, 2026

    विश्व प्रसिद्ध आदिवासी कचारगढ़ मेला आज 3 फरवरी को भव्य धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के साथ संपन्न

  • February 15, 2026

    डोडा के ‘Silent Village’ धडकाई में सोलर लैंप वितरण, बेटियों को स्किल ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा – महिला सशक्तिकरण की नई पहल

  • November 29, 2025

    “जन जातीय गौरव – अस्मिता, अस्तित्व एवं विकास” इंदौर के जन जातीय अध्ययन शाला द्वारा आयोजित

  • November 24, 2025

    पत्थर की धूल से चित्रकारी – ज्योति उमरे और इस कला की खासियत

Always with Truth

https://www.tribalnews.in/wp-content/uploads/2021/11/Logo-Final.mp4

जनजातीय समाचार भारत आधारित डिजिटल समाचार और मीडिया संगठन है जो भारत के सभी जनजातीय राज्यों से बड़े दर्शकों के लिए अद्वितीय और प्रासंगिक समाचार और सूचनात्मक वीडियो लाता है। जनजातीय समाचार हमारे प्रांत में होने वाली घटनाओं के संतुलित, सटीक समाचार कवरेज पर विश्वास करते हैं, स्थानीय लोगों को दैनिक घटनाओं पर भरोसेमंद जानकारी देते हैं जो उनके जीवन को प्रभावित करते हैं।
जनजातीय समाचार में अत्याधुनिक डिजिटल कनेक्टिविटी है और इसका प्रसारण केंद्र भारत में 9 से अधिक राज्यों के क्षेत्र को कवर करता है। इसका प्रसारण के लिए: वेबसाइट: http://www.tribalnews.in
आप हमें यहाँ पर अनुसरण कर सकते हैं: You Tube , Face Book

  • रीसेंट पोस्ट

  • पॉपुलर पोस्ट

  • सबसे ज्यादा कमैंट्स

  • आदिवासी परिवारों को सोलर लैम्प पहली बार यहाँ के घरों तक सोलर रोशनी पहुँची है ...

    By admin
    February 17, 2026
  • विश्व प्रसिद्ध आदिवासी कचारगढ़ मेला आज 3 फरवरी को भव्य धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के ...

    By admin
    February 15, 2026
  • Solar Lamp Distribution

    डोडा के ‘Silent Village’ धडकाई में सोलर लैंप वितरण, बेटियों को स्किल ट्रेनिंग के लिए ...

    By admin
    February 15, 2026
  • “जन जातीय गौरव – अस्मिता, अस्तित्व एवं विकास” इंदौर के जन जातीय अध्ययन शाला द्वारा ...

    By admin
    November 29, 2025
  • वीडियो गैलरी 1

    By admin
    April 12, 2020
  • मुख्य भि भरत – जनजातियों की ओडिशा: मनकीडिया जनजाति

    By admin
    April 12, 2020
  • छोटा नागपुर का मुंडा आदिवासी – एक वृत्तचित्र मूवी

    By admin
    April 21, 2020
  • मुख्य भि भारत – जनजातियों का भारत, पेसा अधिनियम

    By admin
    April 21, 2020

Padam Shri Award Winner Tulsi Gawda

https://www.tribalnews.in/wp-content/uploads/2021/11/TulsigowadaPAdamshriAwardBy-Honbl.PresidentIndiaNewdelhi8NovemberTribal-news.mp4

फॉलो अस

  • होम
  • Blog
  • लाइव न्यूज़
  • वीडियो न्यूज़
  • जनजाति साक्षात्कार
  • मुख्य खबरे
  • देश
  • राज्य
  • हमारी टीम
  • विज्ञापन
Privacy Policy © Copyright tribalnews.in. All rights reserved.

WhatsApp us