Tribal News

Main Menu

  • होम
  • Blog
  • लाइव न्यूज़
  • वीडियो न्यूज़
  • जनजाति साक्षात्कार
  • मुख्य खबरे
    • मध्यप्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • महाराष्ट्र
    • आंध्र प्रदेश
    • झारखंड
    • राजस्थान
    • उड़ीसा
    • गुजरात
    • हिमाचल प्रदेश
  • देश
  • राज्य
    • मध्य प्रदेश
      • सीधी
      • सिवनी
      • शहडोल
      • मांडला
      • खरगोन (पश्चिम निमाड़)
      • छिंदवाड़ा
      • झाबुआ
      • बेतूल
    • उत्तराखंड
      • उत्तरकाशी जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी
      • चमोली जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी
      • रुद्रप्रयाग जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • टिहरी गढ़वाल जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • देहरादून जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • गढ़वाल जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • पिथोरागढ़ जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • बागेश्वर जनजाति,भोटिया,थारू
      • अल्मोड़ा जनजाति,भोटिया,थारू
      • चम्पावत जनजाति,भोटिया,थारू
      • नैनीताल जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • उधमसिंह नगर जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
    • महाराष्ट्र
      • पूर्वी वन क्षेत्र
      • गोंडवाना विदर्भ क्षेत्र
      • सह्याद्री क्षेत्र
    • आंध्र प्रदेश
      • आदिलाबाद
      • महबूबनगर
      • पूर्व गोदावरी
      • पश्चिम गोदावरी
      • विशाखापट्टनम
    • झारखंड
      • रांची
      • सिंहभूम
      • संथाल परगना
      • पलामू
    • राजस्थान
      • उदयपुर
      • सिरोही
      • चित्तौड़गढ़़
      • डूंगरपुर
      • बांसवाड़ा
    • उड़ीसा
      • मयूरभंज
      • कोरापुट
      • क्योंझर
      • कालाहांडी
      • बालासोर
    • गुजरात
      • भरूच
      • वलसाड
      • सूरत
      • साबरकांठा
      • बनासकांठा
    • हिमाचल प्रदेश
      • किन्नौर
      • लाहौल एंड स्पीती
      • चम्बा
    • छत्तीसगढ़
      • रायपुर
      • सरगुजा
      • रायगढ़
      • राजनांदगांव
      • बस्तर
    • असम
      • असम जनजातीय बोडोलैंड
      • दीमा हसाओ
      • कार्बी आंगलोंग
      • मेघालय जनजातीय,खासी,जयंतिया,गारो हिल्स
      • त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र, चकमा, मारा
      • मिजोरम जनजातीय चकमा,मारा,लाई
  • हमारी टीम
    • हमारी सेंट्रल वर्किंग कमेटी टीम
      • राजकुमार गोस्वामी
      • (डॉ.) केशव माणिक वाल्के
      • (डॉ.) शामराव इंदरसे कोरेटी
      • डॉक्टर उजाल मुखर्जी
      • डॉ एज़ाज़ लोन
      • डॉ राजपूत भाउ साहेब
    • कल्चरल वर्किंग टीम
      • नीरज कुंदेर
      • रविंद्र देशमुख
      • सुदर्शन माने
      • विजय कुमार सालुंके
      • इन्द्राणी महतो
      • अन्वेशा घोश
      • जगननाथ कालिंदी
      • हरिकेश सिंह
    • हमारे स्टेट हेड्स
      • डाॅ जयेश कावड़िया
      • राजेश कुमार शर्मा
      • प्रवीण सिंह
      • डॉक्टर नंदकिशोर भगत
      • अशोक कुमार
      • गुरु मुन्नू चव्हान
  • विज्ञापन
    • Privacy Policy

logo

  • होम
  • Blog
  • लाइव न्यूज़
  • वीडियो न्यूज़
  • जनजाति साक्षात्कार
  • मुख्य खबरे
    • मध्यप्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • महाराष्ट्र
    • आंध्र प्रदेश
    • झारखंड
    • राजस्थान
    • उड़ीसा
    • गुजरात
    • हिमाचल प्रदेश
  • देश
  • राज्य
    • मध्य प्रदेश
      • सीधी
      • सिवनी
      • शहडोल
      • मांडला
      • खरगोन (पश्चिम निमाड़)
      • छिंदवाड़ा
      • झाबुआ
      • बेतूल
    • उत्तराखंड
      • उत्तरकाशी जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी
      • चमोली जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी
      • रुद्रप्रयाग जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • टिहरी गढ़वाल जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • देहरादून जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • गढ़वाल जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • पिथोरागढ़ जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • बागेश्वर जनजाति,भोटिया,थारू
      • अल्मोड़ा जनजाति,भोटिया,थारू
      • चम्पावत जनजाति,भोटिया,थारू
      • नैनीताल जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
      • उधमसिंह नगर जनजाति,भोटिया,जौनसारी,राजी,बुक्सा,थारू
    • महाराष्ट्र
      • पूर्वी वन क्षेत्र
        • भंडारा
        • चंद्रपुर
        • गढ़चिरौली
        • गोंदिया
        • नागपुर
      • गोंडवाना विदर्भ क्षेत्र
        • अकोला
        • अमरावती
        • वर्धा
      • सह्याद्री क्षेत्र
        • धुले
        • जलगाँव
        • नदुरबार
        • नासिक
        • ठाणे
    • आंध्र प्रदेश
      • आदिलाबाद
      • महबूबनगर
      • पूर्व गोदावरी
      • पश्चिम गोदावरी
      • विशाखापट्टनम
    • झारखंड
      • रांची
      • सिंहभूम
      • संथाल परगना
      • पलामू
    • राजस्थान
      • उदयपुर
      • सिरोही
      • चित्तौड़गढ़़
      • डूंगरपुर
      • बांसवाड़ा
    • उड़ीसा
      • मयूरभंज
      • कोरापुट
      • क्योंझर
      • कालाहांडी
      • बालासोर
    • गुजरात
      • भरूच
      • वलसाड
      • सूरत
      • साबरकांठा
      • बनासकांठा
    • हिमाचल प्रदेश
      • किन्नौर
      • लाहौल एंड स्पीती
      • चम्बा
    • छत्तीसगढ़
      • रायपुर
      • सरगुजा
      • रायगढ़
      • राजनांदगांव
      • बस्तर
    • असम
      • असम जनजातीय बोडोलैंड
      • दीमा हसाओ
      • कार्बी आंगलोंग
      • मेघालय जनजातीय,खासी,जयंतिया,गारो हिल्स
      • त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र, चकमा, मारा
      • मिजोरम जनजातीय चकमा,मारा,लाई
  • हमारी टीम
    • हमारी सेंट्रल वर्किंग कमेटी टीम
      • राजकुमार गोस्वामी
      • (डॉ.) केशव माणिक वाल्के
      • (डॉ.) शामराव इंदरसे कोरेटी
      • डॉक्टर उजाल मुखर्जी
      • डॉ एज़ाज़ लोन
      • डॉ राजपूत भाउ साहेब
    • कल्चरल वर्किंग टीम
      • नीरज कुंदेर
      • रविंद्र देशमुख
      • सुदर्शन माने
      • विजय कुमार सालुंके
      • इन्द्राणी महतो
      • अन्वेशा घोश
      • जगननाथ कालिंदी
      • हरिकेश सिंह
    • हमारे स्टेट हेड्स
      • डाॅ जयेश कावड़िया
      • राजेश कुमार शर्मा
      • प्रवीण सिंह
      • डॉक्टर नंदकिशोर भगत
      • अशोक कुमार
      • गुरु मुन्नू चव्हान
  • विज्ञापन
    • Privacy Policy
  • डोडा के ‘Silent Village’ धडकाई में सोलर लैंप वितरण, बेटियों को स्किल ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा – महिला सशक्तिकरण की नई पहल

  • “जन जातीय गौरव – अस्मिता, अस्तित्व एवं विकास” इंदौर के जन जातीय अध्ययन शाला द्वारा आयोजित

  • पत्थर की धूल से चित्रकारी – ज्योति उमरे और इस कला की खासियत

  • हो समुदाय का सबसे बड़ा त्योहार है माघे

  • पाइका विद्रोह 1817 भारत का पहला संगठित सशस्त्र विद्रोह

  • ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में प्रभावी मार्केटिंग पारंपरिक और डिजिटल दोनों माध्यमों का समन्वय

  • महात्मा गांधी जयंती पर युवा बापू संघटना द्वारा रैली निकाल कर अनेक आयोजन

  • नवीनतम ट्राइबल न्यूज़ बहुआयामी दृष्टिकोण

  • जनजातीय जिला कूनूर बर्फ़बारी और भूस्खलन के कारण देश दुनिया से कटा

  • आदिवासी युवा पीढ़ी को हर लिहाज से सशक्त बनाने के लिए झार खण्ड सरकार प्रतिबद्ध

अल्मोड़ाउत्तरकाशीउत्तराखंडउत्तराखंड देवभूमिउदयपुरउधमसिंह नगरचमोलीचम्पावतज्वलंत खबरेटिहरी गढ़वालट्राइबलदेहरादूननैनीतालपिथोरागढ़मनोरंजनमुख्य खबरेरुद्रप्रयाग
Home›अल्मोड़ा›अल्मोड़ा भारतीय राज्य उत्तराखण्ड का एक महत्वपूर्ण जनजातीय शहर है

अल्मोड़ा भारतीय राज्य उत्तराखण्ड का एक महत्वपूर्ण जनजातीय शहर है

By admin
July 21, 2021
668
0
Share:

जनजातीय समाचार नेटवर्क उत्तराखंड राज्य प्रमुख की रिपोर्ट

अल्मोड़ा भारतीय राज्य उत्तराखण्ड का एक महत्वपूर्ण जनजातीय शहर है। यह अल्मोड़ा जिले का मुख्यालय भी है। अल्मोड़ा दिल्ली से ३६५ किलोमीटर और देहरादून से ४१५ किलोमीटर की दूरी पर, कुमाऊँ हिमालय श्रंखला की एक पहाड़ी के दक्षिणी किनारे पर स्थित है। भारत की २०११ की जनगणना के अनुसार अल्मोड़ा की कुल जनसंख्या ३५,५१३ है।

अल्मोड़ा की स्थापना राजा बालो कल्याण चंद ने १५६८ में की थी। महाभारत (८ वीं और ९वीं शताब्दी ईसा पूर्व) के समय से ही यहां की पहाड़ियों और आसपास के क्षेत्रों में मानव बस्तियों के विवरण मिलते हैं। अल्मोड़ा, कुमाऊं राज्य पर शासन करने वाले चंदवंशीय राजाओं की राजधानी थी। स्वतंत्रता की लड़ाई में तथा शिक्षा,कला एवं संस्कृति के उत्थान में अल्मोड़ा का विशेष हाथ रहा है।

पौराणिक सन्दर्भ : स्कन्दपुराण के मानसखंड में कहा गया है कि कौशिका (कोशी) और शाल्मली (सुयाल) नदी के बीच में एक पावन पर्वत स्थित है। यह पर्वत और कोई पर्वत न होकर अल्मोड़ा नगर का पर्वत है। यह कहा जाता है कि इस पर्वत पर विष्णु का निवास था। कुछ विद्वानों का यह भी मानना है कि विष्णु का कूर्मावतार इसी पर्वत पर हुआ था। एक कथा के अनुसार यह कहा जाता है कि अल्मोड़ा की कौशिका देवी ने शुंभ और निशुंभ नामक दानवों को इसी क्षेत्र में मारा था। कहानियाँ अनेक हैं, परन्तु एक बात पूर्णत: सत्य है कि प्राचनी युग से ही इस स्थान का धार्मिक, भौगोलिक और ऐतिहासिक महत्व रहा है।

अल्मोड़ा का इतिहास :आज के इतिहासकारों की मान्यता है कि सन् १५६३ ई. में चन्द राजवंश के राजा बालो कल्याणचंद ने आलमनगर के नाम से इस नगर को बसाया था। चंदवंश की पहले राजधानी चम्पावत थी। कल्याणचंद ने इस स्थान के महत्व को भली-भाँति समझा। तभी उन्होंने चम्पावत से बदलकर इस आलमनगर (अल्मोड़ा) को अपनी राजधानी बनाया।

सन् १५६३ से लेकर १७९० ई. तक अल्मोड़ा का धार्मिक भौगोलिक और ऐतिहासिक महत्व कई दिशाओं में अग्रणीय रहा। इसी बीच कई महत्वपूर्ण ऐतिहासिक एवं राजनैतिक घटनाएँ भी घटीं। साहित्यिक एवं सांस्कृतिक दृष्टियों से भी अल्मोड़ा समस्त कुमाऊँ अंचल का प्रतिनिधित्व करता रहा।

सन् १७९० ई. से गोरखाओं का आक्रमण कुमाऊँ अंचल में होने लगा था। गोरखाओं ने कुमाऊँ तथा गढ़वाल पर आक्रमण ही नहीं किया बल्कि अपना राज्य भी स्थापित किया। १८०१ में काशीपुर ब्रिटिश राज के अंतर्गत आया था। १८१४ में आंग्ल गोरखा युद्ध छिड़ने पर ब्रिटिश सेना ने काशीपुर में पड़ाव डाला था। ११ फरवरी १८१५ को कर्नल गार्डनर के नेतृत्व में सैनिक काशीपुर से कटारमल के लिए रवाना हुए। आगे चलकर कर्नल निकोलस के अंतर्गत २००० सैनिकों की टुकड़ी भी इनमें जुड़ गई। नेपाल से हस्तिदल शाह भी ५०० गोरखा सैनिकों को लेकर अल्मोड़ा की रक्षा को निकल पड़ा। विनयथल नामक स्थान पर इन दोनों के मध्य लड़ाई छिड़ गई, जिसमें गोरखा कमांडर हस्तिदल और जयराखा वीरगति को प्राप्त हो गए। इसके बाद इस संयुक्त टुकड़ी ने निकोलस के नेतृत्व में २५ अप्रैल १८१५ को अल्मोड़ा पर आक्रमण किया, और आसानी से कब्ज़ा कर लिया। २७ अप्रैल को अल्मोड़ा के गोरखा अधिकारी, बाम शाह ने हथियार डाल दिए, और कुमाऊँ पर ब्रिटिश राज स्थापित हो गया।:१४८-१५५ सन् १८१६ ई. में अंग्रेजो की मदद से गोरखा पराजित हुए और इस क्षेत्र में अंग्रेजों का राज्य स्थापित हो गया .

भूगोल : अल्मोड़ा नगर के समीप बहती कोशी नदी .अल्मोड़ा नगर उत्तराखण्ड राज्य के कुमाऊँ मंडल में स्थित है। यह समुद्रतल से १६४६ मीटर की ऊँचाई पर ११.९ वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। यह नगरी पहाड़ी के दोनों ओर पर्वत-चोटी पर बसा हुआ है। कोशी तथा सुयाल नदियां नगर के नीचे से होकर बहती हैं। अल्मोड़ा कुमाऊँ हिमालय की एक घोड़े की काठी के आकार की पहाड़ी की चोटी के दक्षिणी किनारे पर स्थित है। उस चोटी के पूर्वी भाग को तेलीफट, और पश्चिमी भाग को सेलीफट के नाम से जाना जाता है। चोटी के शीर्ष पर, जहां ये दोनों, तेलीफट और सेलीफट, जुड़ जाते हैं, अल्मोड़ा बाजार स्थित है। यह बाजार बहुत पुराना है और सुन्दर कटे पत्थरों से बनाया गया है। अल्मोड़ा में वर्ष का औसत तापमान २३.५ डिग्री सेल्सियस रहता है। ३१.१ डिग्री सेल्सियस औसत तापमान के साथ जून साल का सबसे गर्म जबकि १३.३ डिग्री सेल्सियस औसत तापमान के साथ जनवरी सबसे ठंडा महीना होता है। अल्मोड़ा में वर्षा की औसत मात्रा ११३२.५ मिलीमीटर है। इस जलवायु के लिए कोपेन जलवायु वर्गीकरण “CWA” है।

पर्यटन : अल्मोड़ा के पर्यटन स्थल
जागेश्वर मंदिर समूह :
अल्मोड़ा नगर अपनी ऐतिहासिक विरासत के साथ साथ प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। नगर में एक ओर चन्दकालीन किले तथा मंदिर हैं, तो वहीं दूसरी ओर ब्रिटिशकालीन चर्च तथा पिकनिक स्थल भी उपस्थित हैं। इसके अतिरिक्त अल्मोड़ा सड़क मार्ग से पूरे कुमाऊँ क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, इसलिए सुदूर पर्वतीय स्थलों तक भ्रमण करने वाले लोग भी अल्मोड़ा से होकर गुजरते हैं। पर्यटकों, प्रकृति-प्रेमियोम, पर्वतरोहियों और पदारोहियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अल्मोड़ा आज का सर्वोत्तम नगर है। यहाँ रहने के लिए अच्छे होटल हैं। अलका होटल, अशोक होटल, अम्बैसेडर होटल, ग्रैंड होटल, त्रिशुल होटल, रंजना होटल, मानसरोवर, न्यू हिमालय होटल, नीलकंठ होटल, टूरिस्ट कॉटेज, रैन बसेरा होटल, प्रशान्त होटल और सेवॉय होटल आदि कई ऐसे होटल हैं जहाँ रहने की सुन्दर व्यवस्था है। इसके अतिरिक्त होलीडे होम, सर्किट हाऊस, सार्वजनिक निर्माण विभाग का विश्राम-गृह, वन विभाग का विश्राम-गृह और जुला परिषद का विश्राम-गृह भी सैलानियों के लिए उपलब्ध किये जा सकते हैं। यहाँ के ऊनी वस्र प्रसिद्ध है। लाला बाजार और चौक बाजार इसके केन्द्र हैं।

शिक्षा

  • सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय
  • कुमाऊं विश्वविद्यालयएस.एस.जे परिसर, महात्मा गांधी मार्ग
  • उत्तराखण्ड आवासीय विश्वविद्यालय, पांडे खोला
  • एस.एस.जे. राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान
  • जी.बी.पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण एवं सतत् विकास संस्थान, रानीखेत मार्ग
  • राजकीय विधि अध्ययन संस्थान एस.एस.जे. परिसर
  • राजकीय होटल मैनेजमेंट एवं केटरिंग संस्थान, नैनीताल रोड
  • विवेकानंद पर्वतीय कृषि एवं अनुसंधान संस्थान, माॅल रोड
  • उदयशंकर संगीत एवं नाट्य अकादमी
  • राजकीय महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज, पाताल देवी

२०१६ की सांख्यिकी पत्रिका के अनुसार अल्मोड़ा नगर में कुल ३९ प्राथमिक विद्यालय, १६ माध्यमिक विद्यालय तथा १० उच्च माध्यमिक विद्यालय (६ बालक, ४ बालिका) हैं।१८४४ में अल्मोड़ा में एक मिशन स्कूल खोला गया था जो १८७१ में रामसे कॉलेज में परिवर्तित हुआ था, लेकिन फिर, उसे वापस एक हाई स्कूल में परिवर्तित किया गया। यह पहला स्कूल है, जिसने अल्मोड़ा में अंग्रेजी शिक्षा शुरू की। अल्मोड़ा टाउन स्कूल की स्थापना १९०७ में हुई थी।

अल्मोड़ा कॉलेज पहले आगरा विश्वविद्यालय से संबद्ध डिग्री कॉलेज हुआ करता था। १९७३ में नैनीताल में कुमाऊं विश्वविद्यालय की स्थापना के साथ ही, यह कुमाऊं विश्वविद्यालय का घटक महाविद्यालय बन गया और १९९४ में इसे विश्वविद्यालय के कैंपस का दर्जा दे दिया गया। ६ सितम्बर २०१६ को यहां उत्तराखण्ड आवासीय विश्वविद्यालय की स्थापना हुई, और फिर अप्रैल २०१७ में अल्मोड़ा में ही स्थित उदय शंकर राष्ट्रीय संगीत नाट्य अकादमी और स्व. जगत सिंह बिष्ट राजकीय होटल मैनेजमेंट संस्थान को आवासीय विवि के अधीन कर दिया गया।

आवागमन : निजी वाहन अल्मोड़ा में स्थानीय परिवहन के प्रमुख साधन हैं। नगर में स्थानीय लोग आमतौर पर पैदल ही यात्रा करते हैं। पंतनगर विमानक्षेत्र निकटतम हवाई अड्डा है, जबकि काठगोदाम अल्मोड़ा का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन है। अल्मोड़ा से नैनीताल ६७ कि॰मी॰, काठगोदाम ९० कि॰मी॰, पिथौरागढ़ १०९ कि॰मी॰ और दिल्ली ३७८ कि॰मी॰ की दूरी पर स्थित है। इन स्थानों के लिए नियमित बस-सेवायें उपलब्ध है। हल्द्वानी, काठगोदाम और नैनीताल से नियमित बसें अल्मोड़ा जाने के लिए चलती हैं।

अल्मोड़ा उत्तर भारत के सभी प्रमुख नगरों और उत्तराखण्ड राज्य के सभी जिला मुख्यालयों से सड़क नेटवर्क द्वारा जुड़ा हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्ग १०९ (पहले राष्ट्रीय राजमार्ग ८७) अल्मोड़ा को हल्द्वानी, भवाली, रानीखेत, द्वाराहाट और कर्णप्रयाग से जोड़ता है। इसके अतिरिक्त अल्मोड़ा से २ अन्य राजमार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग ३०९ए और राष्ट्रीय राजमार्ग ३०९बी भी शुरू होते हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग ३०९ए अल्मोड़ा से बागेश्वर, बेरीनाग और गंगोलीहाट होते हुए घाट पर ख़त्म होता है, और राष्ट्रीय राजमार्ग ३०९बी जागेश्वर, दन्या और पनार होते हुए रामेश्वर तक जाता है।

यात्रियों को सस्ती व सुलभ सेवा प्रदान करने के उद्देश्य को लेकर सन् १९७० के दशक में अल्मोड़ा में रोडवेज डिपो की स्थापना की गई थी।  नगर में उत्तराखण्ड परिवहन निगम का बस स्टेशन मालरोड में स्थित है, जहां से विभिन्न रूटों को बस सेवाएं संचालित की जाती हैं। बस अड्डे से पांच किमी दूर लोअर मालरोड में परिवहन निगम का वर्कशॉप है। मालरोड पर ही केमू का भी बस स्टेशन है। इसके अतिरिक्त धारानौला में भी एक बस स्टेशन है।

 

 

 

 

 

Tagsअल्मोड़ा भारतीय राज्य उत्तराखण्ड का एक महत्वपूर्ण जनजातीय शहर है
Previous Article

बिरसा मुण्डा जयंती में शामिल हुई राज्यपाल ...

Next Article

बागेश्वर धार्मिक गाथाओं अत्याकर्षक प्राकृतिक दृश्यों के ...

0
Shares
  • 0
  • +
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

admin

Related articles More from author

  • Blogज्वलंत खबरेट्राइबलमुख्य खबरेसंस्कृति

    पाइका विद्रोह 1817 भारत का पहला संगठित सशस्त्र विद्रोह

    November 2, 2025
    By admin
  • अकोलाअमरावतीउड़ीसागोंडवाना विदर्भ क्षेत्रगोंदियाचंद्रपुरज्वलंत खबरेट्राइबलनासिकपूर्वी वन क्षेत्रमहाराष्ट्रमुख्य खबरेराजनीति

    भारतीय जनता पार्टी की ओर से ओबीसी का राष्ट्रीय आरक्षण इस सरकार के राज्यव्यापी रास्ता रोको तथा चक्का जाम आंदोलन

    June 26, 2021
    By admin
  • उड़ीसाट्राइबलमयूरभंज

    शहीद सोरेन, मयूरभंज जिले के चंपाउदा गाँव के रहने वाले 43 वर्षीय संथाली आदिवासी 1997 में सेना में शामिल हुए ...

    June 19, 2020
    By admin
  • उदयपुरचित्तौड़गढ़़ज्वलंत खबरेट्राइबलडूंगरपुरबांसवाड़ामुख्य खबरेराजस्थानसंस्कृति

    भारतीय सैनिक दुनियां का सर्वश्रेठ सैनिक -कर्नल देव गुर्जर

    September 15, 2021
    By admin
  • अकोलाअमरावतीआंध्र प्रदेशउड़ीसाउत्तराखंडगढ़चिरौलीगोंदियाचंद्रपुरछत्तीसगढ़ज्वलंत खबरेट्राइबलनागपुरभंडारामुख्य खबरे

    महाराणा प्रताप जन्मोत्सव डॉ. चंदनसिंह रोटेले द्वारा में मनाया गया

    May 10, 2021
    By admin
  • उत्तराखंड देवभूमि

    Satish Pardhi

    May 7, 2022
    By admin

Leave a reply Cancel reply

You may interested

  • उड़ीसाखरगोन (पश्चिम निमाड़)छत्तीसगढ़छिंदवाड़ाज्वलंत खबरेझारखंडट्राइबलबांसवाड़ाबेतूलमध्यप्रदेशमहाराष्ट्रमुख्य खबरेराजनीतिराजस्थानसंस्कृतिसिवनीसीधी

    सम्राट मिहिर भोज प्रतिहार जयंती पर शामिल हुए ट्राईबल न्यूज़ के संरक्षक चंदन सिंह रोटेले जी

  • गोंदियाट्राइबलमहाराष्ट्र

    आदिवासींची अस्मिता असलेल्या ‘गोंडवाना’ला सरकारने वगडु नये आदिवासी समाजाची मागणी

  • उड़ीसाकोरापुटक्योंझरछत्तीसगढ़ज्वलंत खबरेझारखंडट्राइबलपलामूपश्चिम गोदावरीपूर्व गोदावरीबालासोरमयूरभंजमहबूबनगरमहाराष्ट्रमुख्य खबरेरांचीराजनांदगांवसंस्कृति

    ओलचिकी लिपि के जनक पंडित रघुनाथ मुर्मु का गुरुदर्शन दिवस मना

  • उड़ीसाछत्तीसगढ़ज्वलंत खबरेझारखंडट्राइबलमध्यप्रदेशमहाराष्ट्रमुख्य खबरेसंस्कृति

    जय श्री राम की याद में , चलो अयोध्या चले

  • अकोलागोंडवाना विदर्भ क्षेत्रमहाराष्ट्र

    अकोला मेलाघाट पहाड़ियों और वन क्षेत्र से घिरा है और विदर्भ क्षेत्र में तीसरा सबसे बड़ा शहर है

Feel Free to Contact us

  • Mahua 1
  • world tribal day 1
  • World tribal day 2
  • Rani Durgwati 3
  • Recognizing Rights And Overcoming Challenges
  • maxresdefault
  • Energy Swaraj
  • ad2
  • 15cdaae1-fd77-40b0-b099-08865070ae65
  • 824161a7-333c-4b88-873f-282ecc25b5cf
  • 71ece4f1-4d4c-43f6-974b-d8218c12c02d
  • e8eb2617-e21c-484a-a215-23520af688fb
  • 2a34430d-6c8b-452b-b5b2-afe11562b2a0
  • LATEST REVIEWS

  • TOP REVIEWS

  • रांची झारखंड राज्य का आदिवासी शहर जो आदिवासी क्रांतिकारी और स्वतंत्रता के लिए जाना जाता ...

Timeline

  • May 24, 2026

    सुपरपावर या बिजनेस पावर? क्या अमेरिका युद्ध लड़ रहा है… या मुनाफा कमा रहा है?

  • February 17, 2026

    आदिवासी परिवारों को सोलर लैम्प पहली बार यहाँ के घरों तक सोलर रोशनी पहुँची है बिंदी सोलर लैम्प्स के माध्यम से

  • February 15, 2026

    विश्व प्रसिद्ध आदिवासी कचारगढ़ मेला आज 3 फरवरी को भव्य धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के साथ संपन्न

  • February 15, 2026

    डोडा के ‘Silent Village’ धडकाई में सोलर लैंप वितरण, बेटियों को स्किल ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा – महिला सशक्तिकरण की नई पहल

  • November 29, 2025

    “जन जातीय गौरव – अस्मिता, अस्तित्व एवं विकास” इंदौर के जन जातीय अध्ययन शाला द्वारा आयोजित

Always with Truth

https://www.tribalnews.in/wp-content/uploads/2021/11/Logo-Final.mp4

जनजातीय समाचार भारत आधारित डिजिटल समाचार और मीडिया संगठन है जो भारत के सभी जनजातीय राज्यों से बड़े दर्शकों के लिए अद्वितीय और प्रासंगिक समाचार और सूचनात्मक वीडियो लाता है। जनजातीय समाचार हमारे प्रांत में होने वाली घटनाओं के संतुलित, सटीक समाचार कवरेज पर विश्वास करते हैं, स्थानीय लोगों को दैनिक घटनाओं पर भरोसेमंद जानकारी देते हैं जो उनके जीवन को प्रभावित करते हैं।
जनजातीय समाचार में अत्याधुनिक डिजिटल कनेक्टिविटी है और इसका प्रसारण केंद्र भारत में 9 से अधिक राज्यों के क्षेत्र को कवर करता है। इसका प्रसारण के लिए: वेबसाइट: http://www.tribalnews.in
आप हमें यहाँ पर अनुसरण कर सकते हैं: You Tube , Face Book

  • रीसेंट पोस्ट

  • पॉपुलर पोस्ट

  • सबसे ज्यादा कमैंट्स

  • SUPERPOWER OR BUSINESS POWER?

    सुपरपावर या बिजनेस पावर? क्या अमेरिका युद्ध लड़ रहा है… या मुनाफा कमा रहा है?

    By admin
    May 24, 2026
  • आदिवासी परिवारों को सोलर लैम्प पहली बार यहाँ के घरों तक सोलर रोशनी पहुँची है ...

    By admin
    February 17, 2026
  • विश्व प्रसिद्ध आदिवासी कचारगढ़ मेला आज 3 फरवरी को भव्य धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के ...

    By admin
    February 15, 2026
  • Solar Lamp Distribution

    डोडा के ‘Silent Village’ धडकाई में सोलर लैंप वितरण, बेटियों को स्किल ट्रेनिंग के लिए ...

    By admin
    February 15, 2026
  • वीडियो गैलरी 1

    By admin
    April 12, 2020
  • मुख्य भि भरत – जनजातियों की ओडिशा: मनकीडिया जनजाति

    By admin
    April 12, 2020
  • छोटा नागपुर का मुंडा आदिवासी – एक वृत्तचित्र मूवी

    By admin
    April 21, 2020
  • मुख्य भि भारत – जनजातियों का भारत, पेसा अधिनियम

    By admin
    April 21, 2020

Padam Shri Award Winner Tulsi Gawda

https://www.tribalnews.in/wp-content/uploads/2021/11/TulsigowadaPAdamshriAwardBy-Honbl.PresidentIndiaNewdelhi8NovemberTribal-news.mp4

फॉलो अस

  • होम
  • Blog
  • लाइव न्यूज़
  • वीडियो न्यूज़
  • जनजाति साक्षात्कार
  • मुख्य खबरे
  • देश
  • राज्य
  • हमारी टीम
  • विज्ञापन
Privacy Policy © Copyright tribalnews.in. All rights reserved.

WhatsApp us